Valentine Week- प्रपोज करण्याआधी मिर्ज़ा ग़ालिब यांची ही सात वाक्य नेहमी लक्षात ठेवा...


Valentine Week नुकताच सुरु झाला, काल रोझ डे नंतर आज प्रपोज डे आहे,आज तुमच्या आयुष्यातील कोणा ला प्रपोज करण्याच्या विचारात असाल तर त्या अगोदर मिर्झा गालिब यांचे काही शेर नक्की वाचा ....

इश्क पर जोर नहीं है ये वो आतिश 'ग़ालिब'
कि लगाए न लगे और बुझाए न बने

अर्ज़-ए-नियाज़-ए-इश्क़ के क़ाबिल नहीं रहा
जिस दिल पे नाज़ था मुझे वो दिल नहीं रहा

आगे आती थी हाल-ए-दिल पे हंसी
अब किसी बात पर नहीं आती

आता है दाग़-ए-हसरत-ए-दिल का शुमार याद
मुझ से मिरे गुनह का हिसाब ऐ ख़ुदा न माँग

आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक
कौन जीता है तिरी ज़ुल्फ़ के सर होते तक

इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया
वर्ना हम भी आदमी थे काम के

इश्क से तबीअत ने ज़ीस्त का मज़ा पाया
दर्द की दवा पाई दर्द-ए-बे-दवा पाया

Before proposing, always remember these seven sentences of Mirza Ghalib
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